इस आधुनिक समाज में आज भी
जाति-पांति, धर्म-संप्रदाय और ऊंच-नीच की भावना ठूस-ठूस कर भरी है। प्रेमी
जोड़ों की हत्या या आत्महत्या की खबर रोज आती रहती हैं। जब लोग जाति समाज
के बंधन में जकड़े होते हैं तो वे पूरी तहर से बुद्धिहिन हो जाते हैं। उसे
अपनी संतान भी दिखाई नहीं देती। छत्तीसगढ़ के जांजगीर में एक प्रेमी जोड़े
ने सामाजिक दबाव झेल नहीं पाने के कारण मंगलवार को ट्रेन से कटकर आत्महत्या
कर ली। सामाजिक और पारिवारिक ताने से तंग आकर इस जोड़े ने नफरत भरी
दुनियां से विदा ले ली। इनकी लाशे पटरी पर क्षत-विक्षत हालत में कटी हुई
मिली। प्रेमी युवक देवेंद्र कुमार और युवती बुकली जांजगीर के अकलतरा के
ग्राम खटोला के निवासी थे। इस प्रकार की घटनाएं लगातर राज्य और देशभर में
होती रहती है। इसका कारण जाति समाज से निकालने का भय है। जब तक यह जाति
समाज और इसका खौफ रहेगा तब तक इस प्रकार की हत्याएं और आत्महत्याएं होती
रहेगी। अगर माेहब्बत को नफरत से बचाना है तो देश में जाति समाज को पूरी तरह
से खत्म करना होगा। देशभर में सभी जगहों पर सामाजिक बहिष्कार निषेध
अधिनियम लागू करना होगा। साथ ही अंतरजातिय और अंतरधार्मिक विवाह को
प्रोत्साहन देना होगा। जिससे लोगों के मन में समानता और भाईचारा की भावना
उत्पन्न होगी। साथ ही पढ़े-लिखे और जागरूक लोगाें को इस जाति प्रथा और जाति
समाज को तोड़ने के लिए आगे आना चाहिए। तभी इस तरह की घटनाओं पर विराम
लगेगा। अन्यथा समाज और देश का विनाश तय है।Tuesday, 20 February 2018
कब तक होता रहेगा मोहब्बत का कत्ल
इस आधुनिक समाज में आज भी
जाति-पांति, धर्म-संप्रदाय और ऊंच-नीच की भावना ठूस-ठूस कर भरी है। प्रेमी
जोड़ों की हत्या या आत्महत्या की खबर रोज आती रहती हैं। जब लोग जाति समाज
के बंधन में जकड़े होते हैं तो वे पूरी तहर से बुद्धिहिन हो जाते हैं। उसे
अपनी संतान भी दिखाई नहीं देती। छत्तीसगढ़ के जांजगीर में एक प्रेमी जोड़े
ने सामाजिक दबाव झेल नहीं पाने के कारण मंगलवार को ट्रेन से कटकर आत्महत्या
कर ली। सामाजिक और पारिवारिक ताने से तंग आकर इस जोड़े ने नफरत भरी
दुनियां से विदा ले ली। इनकी लाशे पटरी पर क्षत-विक्षत हालत में कटी हुई
मिली। प्रेमी युवक देवेंद्र कुमार और युवती बुकली जांजगीर के अकलतरा के
ग्राम खटोला के निवासी थे। इस प्रकार की घटनाएं लगातर राज्य और देशभर में
होती रहती है। इसका कारण जाति समाज से निकालने का भय है। जब तक यह जाति
समाज और इसका खौफ रहेगा तब तक इस प्रकार की हत्याएं और आत्महत्याएं होती
रहेगी। अगर माेहब्बत को नफरत से बचाना है तो देश में जाति समाज को पूरी तरह
से खत्म करना होगा। देशभर में सभी जगहों पर सामाजिक बहिष्कार निषेध
अधिनियम लागू करना होगा। साथ ही अंतरजातिय और अंतरधार्मिक विवाह को
प्रोत्साहन देना होगा। जिससे लोगों के मन में समानता और भाईचारा की भावना
उत्पन्न होगी। साथ ही पढ़े-लिखे और जागरूक लोगाें को इस जाति प्रथा और जाति
समाज को तोड़ने के लिए आगे आना चाहिए। तभी इस तरह की घटनाओं पर विराम
लगेगा। अन्यथा समाज और देश का विनाश तय है।
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